
Seva First Innovation Challenge
Under Seva Sankalp Abhiyan

Under Seva Sankalp Abhiyan
चैलेंज ओपन
19 सितंबर 2026
क्षेत्रीय केंद्र
कोलकाता
इनके लिए खुला
पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड
सहायता चाहिए?
हेल्पडेस्क से संपर्क करेंस्थानीय समस्या पहचानें → व्यावहारिक समाधान बनाएं → दिखाएं कि वह कैसे काम करेगा → प्रभाव समझाएं → आगे बढ़ाएं
परिचय
हर समुदाय में कुछ ऐसी समस्याएं होती हैं जिनके साथ लोग धीरे-धीरे जीना सीख लेते हैं। असुरक्षित सड़कें, स्वास्थ्य सेवा तक सीमित पहुंच, पानी की कमी, फसल का नुकसान, कचरा, परिवहन की दिक्कत, सीखने में कठिनाई, आपदा का जोखिम और ऐसी कई समस्याएं। सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज युवाओं से इन समस्याओं को करीब से देखने और इनके लिए कुछ व्यावहारिक करने का आग्रह करता है।
समझें: स्पष्ट करें कि समस्या क्या है, किस पर असर पड़ता है और यह महत्वपूर्ण क्यों है।
बनाएं: बताएं कि समाधान कैसे लागू होगा, उसकी संभावित लागत क्या होगी और कितना समय लग सकता है।
क्रियान्वयन: प्रोटोटाइप, पायलट, इनक्यूबेशन और व्यापक अपनाने की दिशा में एक स्पष्ट रास्ता बनाएं।

कौन भाग ले सकता है?
यह चैलेंज अलग-अलग शैक्षणिक, पेशेवर और सामुदायिक पृष्ठभूमि वाले प्रतिभागियों के लिए खुला है।
मुख्य रूप से समस्या की समझ, सोच की मौलिकता और समाधान की व्यावहारिकता के आधार पर मूल्यांकन होगा। कार्यशील मॉडल को प्रोत्साहित किया जाता है, लेकिन हर मामले में वह अनिवार्य नहीं हो सकता।
इस श्रेणी की प्रविष्टियों में कार्यान्वयन का मजबूत आधार होना चाहिए। प्रोटोटाइप, प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट या पायलट होने से प्रस्ताव अधिक मजबूत होगा।
विषय
नीचे दिए गए विषय प्रतिभागियों को दिशा देने के लिए हैं, उन्हें सीमित करने के लिए नहीं। यदि आपने इन क्षेत्रों से बाहर कोई महत्वपूर्ण समस्या पहचानी है तो भी उसे जमा कर सकते हैं, बशर्ते समस्या स्पष्ट हो और समाधान व्यावहारिक हो।
गांवों और स्थानीय समुदायों में बेहतर सार्वजनिक सेवाओं और रोजमर्रा के जीवन के लिए समाधान।
खेती की उत्पादकता बढ़ाने, नुकसान कम करने और ग्रामीण आजीविका मजबूत करने वाले विचार।
ऐसे समाधान जो सीखने को अधिक सुगम, उपयोगी और प्रभावी बनाएं।
स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच बेहतर करने और निवारक तथा आपातकालीन देखभाल को मजबूत करने के व्यावहारिक उपाय।
कस्बों और शहरों की रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान।
प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा और पर्यावरणीय नुकसान कम करने वाले विचार।
लोगों को काम पाने, व्यवसाय शुरू करने और बाजार तक पहुंचने में मदद करने वाले समाधान।
सुरक्षा, स्वास्थ्य, कल्याण और अवसरों तक पहुंच बेहतर करने वाले नवाचार।
समुदायों को आपदा के लिए तैयार होने, प्रतिक्रिया देने और उससे उबरने में मदद करने वाले समाधान।
यात्रा को अधिक सुरक्षित, आसान और सबके लिए सुगम बनाने वाले विचार।
घरों, समुदायों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के लिए किफायती और टिकाऊ समाधान।
ऐसे विचार जो पर्यटन को बेहतर बनाएं और स्थानीय समुदायों के लिए अवसर भी पैदा करें।
पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड के प्रमुख क्षेत्र
पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में बाढ़, नदी तंत्र और जलवायु जोखिम से लेकर कृषि, मत्स्य, पहाड़ी संपर्क, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, आजीविका और बढ़ते शहरी केंद्रों तक कई तरह की चुनौतियां और अवसर हैं।
सशक्त लोग। समृद्ध क्षेत्र।
एक मजबूत भारत।
200+
मिलियन लोग
3
राज्य
व्यापक
अवसर
बाढ़ पूर्वानुमान, नदी निगरानी, तटबंध निगरानी, चक्रवात की तैयारी और सामुदायिक प्रतिक्रिया।
भूस्खलन निगरानी, पहाड़ी संपर्क, जल प्रबंधन, दूरस्थ स्वास्थ्य सेवा और सतत पर्यटन।
बेहतर फसल स्वास्थ्य, प्रसंस्करण, उत्पादकता, आपूर्ति श्रृंखला और बाजार तक पहुंच।
जल गुणवत्ता निगरानी, रोग प्रबंधन, कोल्ड चेन और बेहतर बाजार संपर्क।
दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, संपर्क और आजीविका के समाधान।
उत्पाद नवाचार, टिकाऊ सामग्री, बेहतर उत्पादन और डिजिटल बाजार तक पहुंच।
जल गुणवत्ता, कटाव, सिंचाई, भूजल प्रबंधन और बाढ़ से निपटने की क्षमता।
चैलेंज कैसे आगे बढ़ेगा
हर प्रस्ताव में समस्या, समाधान, कार्यान्वयन का तरीका और अपेक्षित प्रभाव इतना स्पष्ट होना चाहिए कि निर्णायक मंडल उसे आसानी से समझ सके।
अपने समुदाय से शुरुआत करें
स्कूल · गांव · शहर · जिला · कार्यस्थल
ऐसी समस्या से शुरुआत करें जिसे आपने अपने स्कूल, गांव, शहर, जिले, कार्यस्थल या समुदाय में स्वयं देखा हो।
परिणाम · स्पष्ट और वास्तविक समस्या विवरण
जमा करने से पहले
बनाएं · सुधारें · बदलाव लाएं
बताएं कि आप क्या बनाना, सुधारना या बदलना चाहते हैं और आपका तरीका क्यों काम कर सकता है।
परिणाम · एक व्यावहारिक समाधान दृष्टिकोण
सितंबर - अक्टूबर 2026
ऑनलाइन नवाचार एवं कार्यान्वयन योजना
ऑनलाइन नवाचार एवं कार्यान्वयन योजना पूरी करें और उपलब्ध होने पर सहायक सामग्री अपलोड करें।
परिणाम · पूरा प्रस्ताव जमा हुआ
अक्टूबर 2026
पात्रता · पूर्णता · तकनीकी गुणवत्ता
प्रविष्टियों की पात्रता, पूर्णता और तकनीकी गुणवत्ता की जांच की जाएगी।
परिणाम · शॉर्टलिस्ट की गई प्रविष्टियां क्षेत्रीय मूल्यांकन में जाएंगी
अक्टूबर 2026
विशेषज्ञ निर्णायक मंडल के सामने प्रस्तुति
शॉर्टलिस्ट किए गए प्रतिभागी विशेषज्ञ निर्णायक मंडल के सामने अपना समाधान, मॉडल, प्रोटोटाइप या कार्यान्वयन योजना प्रस्तुत करेंगे।
परिणाम · संभावनाशील नवप्रवर्तकों की पहचान
शॉर्टलिस्टिंग के बाद
मार्गदर्शन · सुधार · अगले चरण की तैयारी
चयनित नवप्रवर्तकों को समाधान मजबूत करने और अगले चरण के लिए तैयार होने में मार्गदर्शन मिल सकता है।
परिणाम · मजबूत प्रोटोटाइप, पायलट या कार्यान्वयन योजना
10 - 30 अक्टूबर 2026
चैलेंज का अंतिम मूल्यांकन
सबसे मजबूत प्रविष्टियां चैलेंज की अगली मूल्यांकन प्रक्रिया में आगे बढ़ेंगी।
परिणाम · मान्यता के लिए प्रमुख नवाचारों का चयन
चैलेंज के बाद
संस्थान · विभाग · उद्योग भागीदार
संभावनाशील समाधानों को आगे के विकास और संभावित पायलट उपयोग के लिए संस्थानों, सरकारी विभागों, उद्योग या कार्यान्वयन भागीदारों से जोड़ा जा सकता है।
परिणाम · प्रोटोटाइप, पायलट, इनक्यूबेशन या अपनाने की दिशा
मान्यता और सहायता
हम आशाजनक विचारों को पुरस्कार से आगे ले जाने में मदद करते हैं — मेंटोरशिप, प्रोटोटाइप सहायता, पायलट अवसर और वास्तविक प्रभाव तक पहुंचने के रास्ते के साथ।
विशेषज्ञ मेंटोरशिप
चयनित नवप्रवर्तकों को समाधान मजबूत करने के लिए मेंटोरिंग और तकनीकी मार्गदर्शन मिल सकता है।
इनक्यूबेशन सहायता
संभावनाशील विचारों को इनक्यूबेशन और प्रोटोटाइप विकास के अवसरों से जोड़ा जा सकता है।
पायलट के अवसर
व्यावहारिक समाधानों को संस्थानों, विभागों, उद्योग या कार्यान्वयन भागीदारों से जोड़ा जा सकता है।
शोध सहायता
मार्गदर्शन से प्रतिभागी प्रमाण, व्यवहार्यता और कार्यान्वयन योजना को बेहतर बना सकते हैं।
इकोसिस्टम तक पहुंच
पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड के विचारों को एक साथ लाने के लिए कोलकाता क्षेत्रीय केंद्र के रूप में काम करता है।
राष्ट्रीय मान्यता
मजबूत स्थानीय समाधान सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज मंच के जरिए व्यापक पहचान पा सकते हैं।
आपको क्या जमा करना है
निर्णायक मंडल को समस्या, समाधान और उसके कार्यान्वयन का तरीका आसानी से समझ में आना चाहिए।
जूनियर श्रेणी के प्रतिभागी स्पष्ट कार्यान्वयन योजना के साथ मजबूत विचार जमा कर सकते हैं।
ओपन श्रेणी के प्रतिभागियों को कार्यान्वयन का अधिक मजबूत आधार प्रस्तुत करना चाहिए।
प्रोटोटाइप, प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट या पायलट का प्रमाण प्रस्ताव को अधिक मजबूत बनाता है।
समस्या क्या है और आपने उसे कहां देखा है?
आप क्या बनाना, बदलना या शुरू करना चाहते हैं?
समाधान कैसे काम करेगा और यह तरीका उपयुक्त क्यों है?
किसे क्या करना है और किस क्रम में करना है?
समाधान को विकसित और लागू करने में वास्तविक रूप से कितनी लागत आ सकती है?
कौन लाभान्वित होगा और लगभग कितने लोगों को इसका लाभ मिल सकता है?
कार्यशील प्रोटोटाइप या पायलट तक पहुंचने में कितना समय लग सकता है?
समाधान सामाजिक, आर्थिक या पर्यावरणीय स्तर पर क्या बदलाव ला सकता है?
क्या समाधान किसी अन्य जिले, राज्य या समुदाय में काम कर सकता है? वहां क्या बदलाव करने होंगे?
यदि आपके पास पहले से मॉडल, प्रोटोटाइप या पायलट है तो फोटो, दस्तावेज, परिणाम या अन्य प्रमाण साझा करें।
निर्णायक मंडल किन बातों पर ध्यान दे सकता है
निर्णायक मंडल समस्या की प्रासंगिकता, समाधान की मौलिकता, व्यावहारिकता, तकनीकी व्यवहार्यता, लागत, अपेक्षित प्रभाव, टिकाऊपन, विस्तार की संभावना और प्रोटोटाइप या पायलट की गुणवत्ता पर विचार कर सकता है।
निर्णायक मंडल यह देखेगा कि समस्या को वास्तविक संदर्भ में कितना समझा गया है और लाभार्थियों के लिए वह कितनी महत्वपूर्ण है।
अनावश्यक जटिलता से बेहतर एक सरल, किफायती और काम करने वाला समाधान हो सकता है।
कार्यान्वयन योजना, लागत, समयसीमा और निर्भरताएं सभी महत्वपूर्ण हैं।
स्पष्ट लाभार्थी और प्रभाव का यथार्थवादी अनुमान प्रस्ताव को अधिक मजबूत बनाते हैं।
मॉडल, प्रोटोटाइप, पायलट, फोटो, परिणाम या सहायक दस्तावेज प्रस्ताव की विश्वसनीयता बढ़ाते हैं।
प्रश्न
पहले जरूरी जानकारी देखें, फिर आवेदन करने से पहले अंतिम चैलेंज दिशानिर्देश पढ़ लें।
यह युवाओं के लिए ऐसा मंच है जहां वे अपने आसपास की वास्तविक समस्याएं पहचानकर व्यावहारिक समाधान विकसित कर सकते हैं, जिन्हें लागू किया जा सके और संभव होने पर बड़े स्तर पर अपनाया जा सके।

आज के विचार। मजबूत कल।
एक स्थानीय समस्या पहचानें, व्यावहारिक समाधान बनाएं, यह कैसे काम कर सकता है दिखाएं, प्रभाव समझाएं और उसे आगे बढ़ाएं।
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आवेदन खुले हैं
19 सित॰ 2026